ऐसा नूतन वर्ष हो -2007
सभी महानुभावों को मेरी ओर से नववर्ष की अनन्त शुभकामनाएं
बस ऐसा यह नूतन वर्ष हो,
जन-जन के मन में हर्ष हो।रोटी प्रथम हलधर को मिले,
न भूख से अब कोई मरे,
सब बांट कर खाएं-पिएं,बस,
जीवन का ये ही धर्म हो॥आओ करें संकल्प सब
बंधुआ न अब बचपन रहे,
खेलें-पढें,गाएं-हंसें,
उनके भी मन में हर्ष हो॥स्त्री-भ्रूण हत्या बंद हो,
सांसों से इक अनुबंध हो,
जीने का हक उसको मिले,
जीवन का तब उत्कर्ष हो॥त्योहार का रंग प्रेम हो,
रिश्तों में बस विश्वास हो,
जीवित रहे चिर-मानवता,
जीवन का यह संकल्प हो॥तम-तमस का नाश हो,
बस ग्यान का प्रकाश हो,
ओढे चुनर धानी धरा,
धरती पे उतरा स्वर्ग हो॥बस ऐसा नूतन वर्ष हो,
बस ऐसा नूतन वर्ष हो।डा. रमा द्विवेदी
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बहुत सुंदर, बधाई. आपको भी नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें एवं बधाई.