जहर की सुई
April 22, 2008 at 11:26 am (संवेदना की अनुभूतिय)
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माना कि सौन्दर्य के प्रति,
स्त्री का विशेष लगाब,
सदियों से रहा है,
आधुनिक युग में यह सौन्दर्य-प्रेम,
बेतहासा,बेलगाम बढ़ा है
सौब्दर्य बढ़ाने की तमाम तकनीकें,
पीछे छूट गई हैं।
अब कमसिन दिखने की,
एक नई जहर की सुई ईजाद हुई है,
जिसके के लगवाने से चेहरे की झुर्रियां
कुछ हफ़्ते- महीने के लिए
गायब हो जाती हैं,
और सौन्दर्य में चार चाँद लग जाते हैं,
और फ़िर त्वचा,
पहले से भी ज्यादा,
कान्तिहीन हो जाती है,
फ़िर जहर की सुई लेनी पड़ती है,
विषकन्याएँ ऐसे ही तैयार की जाती थीं,
फ़र्क बस इतना है,
कि रूप- सौन्दर्य बढ़ाने के लिए
चेहरे पर जहर की सुई दी जाती है,
और विष-कन्या को जहर खिलाया जाता था,
यहाँ रूप-सौन्दर्य देखकर,
लोगों के होश खो जाते हैं,
और वहाँ विष-कन्या के काटने मात्र से
कभी होश में आते नहीं।डा. रमा द्विवेदी
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Prabhakar Pandey said,
April 22, 2008 at 12:20 pm
सुन्दरतम।
anurag arya said,
April 23, 2008 at 2:09 pm
madam ji use “botox ” kahte hai..
ramadwivedi said,
April 23, 2008 at 4:27 pm
प्रभाकर जी,
रचना पसन्द आने के लिए हार्दिक आभार..
अनुराग जी ,
आभारी हूँ आपकी जो आपने ’नाम’ बताया लेकिन हिन्दी समाचार पत्र में ’जहर की सुई’ लिखा था इसलिए मैंने भी लिख दिया