दो क्षणिकाएँ
April 23, 2008 at 4:44 pm (क्षणिकाएं)
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१- मिट्टी का मूल्य
मिट्टी का मूल्य,
तु्म तब समझोगे ,
जब मृत-तन को,
मिट्टी में ही बदल देगी,
यह मिट्टी ।
२- आकाश
आकाश का असीमित फलक,
हमें यह बताता है कि-
मंजिलों की कोई सीमा नहीं होती,
पर हर एक उड़ने वाले की,
क्षमता तो सीमित ही होती है।
डा. रमा द्विवेदी
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mehek said,
April 23, 2008 at 6:39 pm
bahut sundar khas kar aakash