उसके जैसे (क्षणिका)
May 2, 2008 at 5:07 pm (क्षणिकाएं)
तुम उसके जैसे,
बनने की कोशिश,
कभी मत करना,
क्यों कि तुम,
वो नहीं बन सकते,
लेकिन तुम बहुत कुछ,
बन सकते हो,
जो वे नहीं बन सके।
डा. रमा द्विवेदी
© All Rights Reserved
May 2, 2008 at 5:07 pm (क्षणिकाएं)
तुम उसके जैसे,
बनने की कोशिश,
कभी मत करना,
क्यों कि तुम,
वो नहीं बन सकते,
लेकिन तुम बहुत कुछ,
बन सकते हो,
जो वे नहीं बन सके।
डा. रमा द्विवेदी
© All Rights Reserved
समीर लाल said,
May 2, 2008 at 5:42 pm
कतई कोशिश नहीं करेंगे.
-सुन्दर भाव!! बधाई.
mehhekk said,
May 2, 2008 at 6:05 pm
sahi hai bahut badhiya
kush said,
May 3, 2008 at 3:19 am
bahut badhiya shanika kahi aapne.. badhai
ramadwivedi said,
May 3, 2008 at 6:44 am
समीर जी, महक जी एवं कुश जी,
आप सबका हार्दिक आभार…
कुश जी , अनुभूति कलश में आपका स्वागत है….भविष्य में भी आपके विचारों की प्रतीक्षा रहेगी….सादर…