उसके जैसे (क्षणिका)

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  तुम उसके जैसे,

बनने की कोशिश,

कभी मत करना,

क्यों कि तुम,

वो नहीं बन सकते,

लेकिन तुम बहुत कुछ,

बन सकते हो,

जो वे नहीं बन सके।

   डा. रमा द्विवेदी

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4 Comments

  1. समीर लाल said,

    May 2, 2008 at 5:42 pm

    कतई कोशिश नहीं करेंगे. :)

    -सुन्दर भाव!! बधाई.

  2. mehhekk said,

    May 2, 2008 at 6:05 pm

    sahi hai bahut badhiya

  3. kush said,

    May 3, 2008 at 3:19 am

    bahut badhiya shanika kahi aapne.. badhai

  4. ramadwivedi said,

    May 3, 2008 at 6:44 am

    समीर जी, महक जी एवं कुश जी,

    आप सबका हार्दिक आभार…

    कुश जी , अनुभूति कलश में आपका स्वागत है….भविष्य में भी आपके विचारों की प्रतीक्षा रहेगी….सादर…

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