होली गीत
होली का दिन है आज,
होली कैसे मनावै?
भाई-भाई में जंग छिड़ी है,
खून की बढ़ी ऐसी प्यास….
होली कैसे मनावै।कच्ची कलियां सहमी-सहमी लागें,
अहसासों की पड़ी है लाश…..
होली कैसे मनावै।गांव सुलग रहे,नगर सुलग रहे,
सुलग रहा है संसार….
होली कैसे मनावै।झांझ मंजीरा थाप मृदंग पर,
सबहीं पड़े हैं उदास…
होली कैसे मनावै।होली के सब रंग बदल गए,
बदल गए हैं अंदाज़….
होली कैसे मनावै।रंग के बदले कीच उछाले,
शब्दों का छिड़ा संग्राम….
होली कैसे मनावै।होली फीकी है प्रेम रंग बिन,
राधा कान्हा भी उदास….
होली कैसे मनावै।डा. रमा द्विवेदी
