माँ शारदे

   Devi saraswati

शुभ्र-धवल,कमलासना,
हंसवाहिनी,माँ शारदे।
सप्त सुरों की साधिका,
नमो नमामि,नमामि माँ॥

अन्तस में तेरा ही वास हो,
वाणी में तेरा ही जाप हो।
अश्रुजल से प्रक्षालन करुँ,
तेरे चरण ,मेरा माथ हो॥

विनती मेरी इतनी सी माँ,
आशीष अपना दे दो माँ,
सत्यम,शिवं,सुन्दरम रचूँ,
नमो नमामि,नमामि माँ॥

डा.रमा द्विवेदी

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