अनुभूति कलश
अहसासों को संजोया है मैंने, अनुभूतियों को पिरोया है मैंने, बने सत्य,शिव, सुन्दरम यह कलश,मानस की गंगा में धोया है मैंने..
Sahitya Garima puraskar se Dr. Gunmala Somani sammanit
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चित्र-वीथि
on October 23, 2008 at 10:34 pm
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