Posted by: ramadwivedi | मार्च 13, 2008

कुछ क्षणिकाएं ‘प्यार’ पर

  ६-    शादी का सुरक्षा-कवच पहन,
           शादीशुदा लोग,
           कहीं भी आसानी से ,
           प्रवेश पा जाते हैं,
           खूब इश्क फरमाते हैं,
           यह अलग बात है कि
           शक के दायरे में नहीं आते।

     ७-    नवजवान आजकल,
          ज्यादा संयमित हैं
          अक्सर बड़े लोग ही,
          ’रेड लाइट एरिया’में,
           पकड़े जाते हैं।

     ८-    जन्म-जन्म का प्यासा समन्दर,    
           घोर गर्जन करता रहता है,
           समस्त नदियों का आलिंगन पाने के लिए,
           और वह पा भी लेता है,पर
           फिर भी उसकी प्यास शान्त नहीं होती,
           सामर्थ्यवान दूसरे के अस्तित्व को .
           इसी तरह निगल जाते हैं।

    ९-     पिघलना और जमना,
           निश्चित तापमान पर,
           निर्भर करता है, किन्तु
           बर्फ बनी भावनाएं,
           प्यार के हल्के स्पर्श से पिघल जाती हैं।

    १०-    चट्टान सा स्थिर,
           सागर का किनारा,
           अनवरत सर पटकती लहरों से,
           कभी पसीजता नहीं ।

           डा. रमा द्विवेदी
© All Rights Reserved

Advertisements

Responses

  1. बहुत बढिया क्षणिकाऎं है

    शादी का सुरक्षा-कवच पहन,
    शादीशुदा लोग,
    कहीं भी आसानी से ,
    प्रवेश पा जाते हैं,
    खूब इश्क फरमाते हैं,
    यह अलग बात है कि
    शक के दायरे में नहीं आते।

  2. डा. रमा द्विवेदी said…

    परमजीत जी,

    उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद….

  3. जन्म-जन्म का प्यासा समन्दर,
    घोर गर्जन करता रहता है,
    समस्त नदियों का आलिंगन पाने के लिए,
    और वह पा भी लेता है,पर
    फिर भी उसकी प्यास शान्त नहीं होती,
    सामर्थ्यवान दूसरे के अस्तित्व को .
    इसी तरह निगल जाते हैं।
    bahut sundar gehre bhav hai.badhai

  4. पिघलना और जमना,
    निश्चित तापमान पर,
    निर्भर करता है, किन्तु
    बर्फ बनी भावनाएं,
    प्यार के हल्के स्पर्श से पिघल जाती हैं।

    बहुत बढ़िया ..

  5. पिघलना और जमना,
    निश्चित तापमान पर,
    निर्भर करता है, किन्तु
    बर्फ बनी भावनाएं,
    प्यार के हल्के स्पर्श से पिघल जाती हैं।
    bahut he sunder
    kitna kuchh samete hue hain ye panktiyan apne me
    bahut he khoobsurat

  6. शुभाशीष जी,

    ’अनुभूति कलश’ में आपका स्वागत है…आपको रचना पसन्द आई इसके लिए हार्दिक आभार..


एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

श्रेणी

%d bloggers like this: