Posted by: ramadwivedi | अप्रैल 15, 2011

`ग्रीष्म’ हाइकु -2

७- प्रणय -आग
ज्यों जेठ दुपहरी
प्रिय की चाह ।

८- बिजली गुल
बिन टी.वी ,ए.सी. के
आराम गुल ।

९- फ़सले पकी
गरमी की मार से
धरा झुलसी ।

१०- ताल-तलैया
सिमटे पोखरवा
धधकी ज्वाल।

११- यू.पी. का हाल
कौन पूछे सवाल
सरकार से।

१२- महुआ फूला
मादक रसगंध
हवा में घुली।

१३- कैसे सहती
अग्नि सरीखे दिन
मीठा बोलती ।

१४- बिजली बंद
जनता भरे बिल
माया की माया ।

डा. रमा द्विवेदी

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Responses

  1. ताल-तलैया
    सिमटे पोखरवा
    धधकी ज्वाल।
    सभी बहुत अच्छे हाइकू, बधाई

  2. बहुत-बहुत शुक्रिया ……


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