Posted by: ramadwivedi | मार्च 12, 2012

रंगों में डूब जाओ -तांका

१- मन को भाए
हर रंग सुन्दर
प्रेम रंग हो
साथ हो प्रियतम
मनुआ नाचे गाए |

२- रंगों का रिश्ता
मन:स्थिति से होता
वस्तु से नहीं
मन संतुलित हो
हर रंग छू जाए |

३- फूलों के रंग
उदासी हर लेते
खिलखिलाते
और यह कहते
हँसो और हँसाओ|

४- जतन करो
हर रंग सहेजो
फीका न पड़े
बनी रहे मिठास
जीवन भर पास |

५- रंग सन्देश
इर्ष्या -द्वेष मिटाओ
गले लगाओ
सब कुछ भूल के
रंगों में डूब जाओ |

६- प्यार का रंग
चढ़े जो एक बार
कभी न छूटे
निखरता ही जाए
समय रीत जाए |

डा.रमा द्विवेदी

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