Posted by: ramadwivedi | जुलाई 20, 2012

बंजर दिल -हाइकु

१- दिल बेचैन
साँसों की सिसकियाँ
सुनता कौन |

2- बंजर दिल
तलाशता है प्यार
हो अंकुरित |

3- सांस है बाकी
बँट गया है सब
वजूद बाकी |

4- लकीरें खिंची
दिल की दीवार पे
कभी न मिटी |

५ – आया सैलाब
देहरी लांघ गई
घर की लाज |

डा. रमा द्विवेदी

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Responses

  1. सभी हाइकु दिल की गहनतम व्याकुलता का आख्यान हैं ।

  2. आ. हिमांशु जी ,
    आपका आशीर्वाद इन हाइकु को मिला ..बहुत-बहुत हार्दिक आभार आपका


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