Posted by: ramadwivedi | अक्टूबर 31, 2012

`मैं’ `मैं’ ‘का मूल्यांकन-हाइकु

1- डोली में बैठी
लाल ओढनी ओढ़
धूँ -धूँ वो जली।

2– कैसे करता
`मैं’ `मैं’ ‘का मूल्यांकन
`मैं ‘ न छूटता ।

3- किया था वादा
दूंगा प्यार अपार
अस्मिता त्याग ।

4- जिसने पिया
प्रेम का मीठा पानी
सच में जिया ।

5 – झोपडी – दीप
जला है रात भर
तम न छंटा ।

डॉ रमा द्विवेदी

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