Posted by: ramadwivedi | नवम्बर 25, 2012

बेबुनियाद – हाइकु

१- वंश का नाम
चलाता है आत्मज
बेबुनियाद ।

२- खलीफ़ा बुर्ज
मेहनत किसी की
नाम किसी का?

३- क्रान्ति का बीज
चिंगारी बनी आग
जीत निश्चित ।

४- सुलगा दिल
रोया था रातभर
ज़ुबां खामोश ।

५- बिना कफ़न
हो जाती हैं दफ़न
दहेज बिना ।

६- पीड़ा का मौन
पिघलता प्यार से
समझे कौन ?

७- बहरे लोग
कोयल मत कूक
मृदुल बोल।

८- स्त्री-भ्रूण हत्या
बिगड़ा संतुलन
सृष्टि का नाश ।

९- काल-नियति
दो पाटन के बीच
बचा न कोय ।

१०- बेटी का नेह
पूंजी मात-पिता की
अटूट निष्ठा ।

डा.रमा द्विवेदी
© All Rights Reserved

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

श्रेणी

%d bloggers like this: