Posted by: ramadwivedi | दिसम्बर 27, 2012

बूढ़ी देह का मोल -हाइकु

1- जवानी ख़त्म
बूढ़ी देह का मोल
हो जाता कम ।

2- घिसा टायर
आदमी का बुढापा
खौफ छा जाता ।

3-आत्म सम्मान
उसूलों पे टिकता
बिकता नहीं ।

4-शाश्वत है वो
सारगर्भित है जो
अमूल्य है वो ।

5-सभी आबद्ध
काल-चक्र चलाये
हम मोहरे ।

डॉ रमा द्विवेदी
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