Posted by: ramadwivedi | मार्च 6, 2015

ताजा होली गीत

होली गीत

आयो मदन गोपाल रंग ले होली में
खेलत गोपी -ग्वाल ,गोरिया होली में ।

रंगो के रसिया के रस की रार मची है
पीके भंग,करत हुड़दंग गोरी से आँख लड़ी है
मल -मल रंगते गाल गोरिया होली में
नीला ,पीला ,लाल गोरिया होली में ।

कामदेव ने रतिकन्या पर बाण चलाए
सोई जगी उमंग , अंग -अंग उमसाए
मर्यादा की टूटी ढाल गोरिया होली में
यौवन है बेहाल गोरिया होली में ।

लेके हाथ गुलाल करत सखियों से ठिठोली
गली -गली में ढूंढत है वृषभानु किशोरी
छेडत सबहिं गोपाल गोरिया होली में
नभ तक उड़े गुलाल गोरिया होली में ।

डॉ रमा द्विवेदी

images holi-1

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

श्रेणी

%d bloggers like this: