Posted by: ramadwivedi | मई 20, 2017

सत्य का वे दर्शन करते हैं-मुक्तक

निर्जन वन में बैठ बुद्ध , ईश्वर का ध्यान- मनन करते हैं
अंतर्मन में द्वन्द बहुत हैं , चित्त साध चिंतन करते हैं
जीवन-मृत्यु औ जर्जर काया , देख बुद्ध का मन घबराया
भोग-विलास त्याग करके सब ,सत्य का वे दर्शन करते हैं |

*** डॉ. रमा द्विवेदी ***18485462_1668905346456221_2856889962367234943_n

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

श्रेणी

%d bloggers like this: