Posted by: ramadwivedi | जुलाई 11, 2018

कुछ दोहे 

1 –
कर्मठ को दुर्लभ नहीं ,सब कुछ है आसान |
करे सार्थक कर्म जो , बनता वही महान ||
2 –
अंतस में संचित सदा , माँ अनुपम अहसास |
प्रेम- त्याग जीवंत छवि , अद्भुत यह प्रतिभास ||
3 –
बातों में आदर्श हो , झूठा हो व्यवहार |
उनसे रखकर दूरियाँ ,करिए राम -जुहार ||
4 –
जीवन में अनुबंध के , टूट रहे तटबंध |
यांत्रिक मानव बन रहा ,बिखर रहे संबंध ||
5 –
अलस भोर उठके करें , फेसबुक को प्रणाम |
सब रिश्ते हैं ताक पर , सबसे प्रिय यह काम ||

** डॉ. रमा द्विवेदी **

 

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

श्रेणी

%d bloggers like this: