Posted by: ramadwivedi | जुलाई 11, 2018

 दोहे

1 –
बाबाओं के राज को, समझ सका कब कोय ?
सम्मोहित कर लेत जो , उस की जय-जय होय॥

2 -राम कथा का गान कर, बन बैठा भगवंत ।
चरण पकड़ सब बोलते ,जय हो बाबा -संत ॥

3 – कोई आसाराम है , रामपाल है कोय ।
काला धंधा एक है, नाम बदल के होय ॥

4 -संत -राम का चल रहा, योग और  व्यापार ।
लोग बावरे हो गए , जय बाबा करतार ॥

डॉ .रमा द्विवेदी

 

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

श्रेणी

%d bloggers like this: