Posted by: ramadwivedi | दिसम्बर 28, 2018

स्टेटस कॉन्सस?-लघुकथा

“मैं  अपने बेटे  का बर्थ डे  पाँच सितारा होटल में मनाऊँगी  ”| बहू ने सास से कहा |
सास ने कहा -“हम बच्चों  का बर्थडे नहीं मनाते | इस दिन हम अनाथाश्रम  में जाकर वहाँ  के बच्चों को मिठाई -चॉकलेट  ,खाना ,कॉपी पेन या जरुरत की अन्य वस्तुएं दे आते हैं  ”|
बहू ने कहा – “ नहीं मैं अपने दोस्तों को और बेटे के स्कूल के दोस्तों  को  बुलाकर पाँच सितारा  होटल में ही पार्टी करुँगी ”|
सास उसका उत्तर सुनकर चुप रह गई |
एक दिन बहू ने सास को बताया  -“मेरे बेटे को  उसके अमीर दोस्त ने अपने घर बुलाया था | मैं उसे लेकर जाना चाहती थी तो उसने यह कहकर मना कर दिया कि“ मैँ छोटी कार में नहीं जाऊँगा’ ‘|
मैने जब पूछा -“क्यों नहीं जाओगे ”?
बेटे ने उत्तर दिया -“ हमारे पास बी एम डब्ल्यू कार नहीं है ना लेकिन मेरे दोस्त के पास है| मुझे छोटी कार में जाने में शर्म आती है  ”|
“  पाँच वर्ष के  छोटे बच्चे का उत्तर सुनकर वह   अवाक रह गई ”| तब उसे  अहसास हुआ कि बड़े  स्कूल में अमीर बच्चों के साथ पढ़ने और रहने से इतनी  छोटी उम्र में ही बच्चे  `स्टेटस कॉन्सस’ हो जाते हैं  ‘ ? कहीं न कहीं हम माँ -बाप भी इसके लिए दोषी हैं जो बड़े -बड़े इंटरनेशनल स्कूलों   में बच्चों को पढ़ाते हैं ?
-डॉ. रमा द्विवेदी

 

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