Posted by: ramadwivedi | मार्च 27, 2019

चुनाव प्रचार -लघुकथा

“मालिक हम एक महीने की छुट्टी चाहते हैं ” मंगू ने कहा |
“क्यों चाहिए तुम्हें छुट्टी ? देखते नहीं फसल कटने के लिए तैयार खड़ी है | खेत में काम कौन करेगा” ? मालिक ने कहा |
“मालिक हम चुनाव में एक पार्टी का प्रचार करेंगे तो बिना मेहनत हमरी नगद कमाई भी ज्यादा होगी और खाना -शराब भी मुफ्त मिलेगा ,हम एक महीना खेत में काम नहीं करेंगे ”| मंगू ने कहा |
“चुनाव प्रचार का काम तो पाँच साल में एक दो बार ही मिलता है ,खेत का काम तो हमेशा मिलता है | यदि काम नहीं मिला तो खाओगे क्या ”? मालिक ने अंतिम तीर छोड़ते हुए कहा |
“मालिक जीवन के कुछ दिन हम भी ऐश करके जीना चाहते हैं ,जो भी हो , हम चुनाव प्रचार में जरूर जायेंगे और खेत की मजदूरी से तो कई गुना ज्यादा ही कमाएंगे ”| मंगू ने साफ -साफ कहा |
“मालिक उसका मुँह ताकता रह गया ”|

** डॉ. रमा द्विवेदी **

@सर्वाधिकार सुरक्षित

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