Posted by: ramadwivedi | मई 1, 2019

पिंड दान क्यों ?- लघुकथा

“क्या बात है अनन्या ? तुम आज बहुत दुखी लग रही हो | सब ठीक तो है न” ? मैंने अपनी मित्र से पूछा |
“कुछ ठीक नहीं है | इंसान बच्चे क्यों करता है ,इसलिए ही न कि वंश बेल आगे बढ़े | अपने बच्चों को अच्छा जीवन देने के लिए माँ -बाप क्या -क्या नहीं करते ? मैंने भी अपनी बेटियों को महंगे से महंगे स्कूल और मणिपाल विश्वविद्यालय के हॉस्टल में रखकर उच्च शिक्षा दिलाई ,ताकि उनका जीवन सुखमय बन सके | जो माँगा ,जो चाहा सब हमने दिया लेकिन क्या हुआ ? बड़ी बेटी सौम्या ने नैरोबी के एक ईसाई लड़के से हमारे मना करने के बावजूद भी शादी कर ली और नैरोबी चली गई | हम ने अपने दिल पर पत्थर रख लिया कि चलो एक बेटी सौदामिनी तो हमारे पास है लेकिन वह भी एक मुस्लिम लड़के से प्यार कर बैठी और शादी करने की स्वीकृति हमसे मांगी लेकिन हमने ऊँच -नीच समझाने की कोशिश की और स्वीकृति नहीं दी , तब सौम्या ने उन दोनों की शादी करवा दी और कुछ समय के लिए अपने पास बुला लिया | फिर वे दोनों नौकरी ढूंढ कर कनाडा चले गए ” |
“हम दोनों अंदर से बुरी तरह टूट गए ,क्या यही सब देखने के लिए हमने लड़कियों को उच्च शिक्षित किया था ? यह कहकर वह फुट -फूट कर रोने लगीं और आगे बोली अब हमने अपनी बेटियों से नाता तोड़ लिया है | हम दोनों `गया’ जाकर जीते जी अपना पिंडदान कर आये हैं ,क्योंकि हमारा अब इस दुनिया में कोई नहीं है ”| यह कहते हुए उसके चेहरे पर अत्यधिक पीड़ा उभर आई |
उसकी बात सुनकर मैं भी सोचने लगी कि नई पीढ़ी कितनी स्वार्थी हो गई है कि माँ -बाप की भावनाओं का अब कोई मूल्य ही नहीं रहा | सबसे ज्यादा दुःख इस बात का हुआ कि बेटियों ने भी अपने माँ -बाप के दर्द को नहीं समझा | क्या परवरिश में दोष है या आधुनिकता की हवा सबको लग रही है ”? उसको समझाते हुए मैंने कहा -“लेकिन आपने पिंडदान क्यों किया ”?
“पिंडदान करने के बाद आदमी मृतक के समान जीवन जीता है ,हम तो जीते जी मर ही चुके हैं ,इसलिए हमने अपना पिंडदान खुद करवा दिया कि शायद मरने के बाद हमें सद्गति मिल सके ”| अनन्या ने कहा |
मैं भी निरुत्तर होकर युग सत्य के गहरे चिंतन में डूब गई |

**डॉ. रमा द्विवेदी **


एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

श्रेणी

%d bloggers like this: