Posted by: ramadwivedi | मई 1, 2019

सूर्य पर दोहे

1 –
स्नान -ध्यान कर आ रहा , लेकर उजली भोर |
दस्तक दे दिनकर करे , सबको नमन निहोर ||
2 –
अंगड़ाई लेती धरा , मन में नई उमंग |
अठखेली सागर करे, खुशियों भरी तरंग ||
3 –
नभ में लाली छा गई, बिखरा रंग गुलाल |
फगुआ खेलन आ गया, लेकर ग्वाल- गुपाल ||
4 –
सूरज करता है सदा, नव ऊर्जा संचार |
इसके बिन संभव कहाँ,जीव-जगत -संसार ||
5 –
धरती -नभ का क्षितिज पर ,मिलन लगे अभिसार |
अद्भुत मनभावन लगे , किसन -राधिका प्यार ||

-डॉ. रमा द्विवेदी


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